गुरूवार, सितम्बर 23, 2021
होमलेख……कल जो इंदौर में हुआ

……कल जो इंदौर में हुआ

पुरानी घटना हैं ,एक घर में एक किरायेदार सपरिवार आया और 15-20 वर्षों तक रहा ,फिर जब मकान मालिक ने जगह घर खाली करने को कहा तो मकान मालिक ही FIR कर दी ओर अपने पक्ष में उस किरायेदार ने कहा कि इतने वर्षों से में इस नगर में काम कर रहा हूँ ,आसपास मेरा काम चल रहा हैं ,लोग मेरा यही पता जानते हैं यदि मुझे यहां से हटाया गया तो मेरा परिवार भूखा मर जायेगा ओर केस लम्बे समय चला ओर परेशान होकर मकान मालिक को घर छोड़कर गाँव जाना पड़ा ओर किरायेदार गृहस्वामी हो गया ।

इंदौर के राजवाड़ा में भी कल वहीं हुआ ,इंदौर को यदि किसी एकमात्र पहचान से पुकारा जाये तो वह राजवाड़ा हैं ,राजवाड़ा चौक पर ही अतिप्राचीन महालक्ष्मी मंदिर हैं ,गोपाल मंदिर हैं और आसपास भी बहुत सी प्राचीन गौरवशाली धरोहरें हैं और इन प्राचीनतम धरोहरों पर अतिक्रमण की हद हो रहीं हैं ,महालक्ष्मी मंदिर का भी यही हाल था ,कल निगम के अधिकारी बुलडोजर लेकर गये और सरकारी जमीन पर से कब्जा हटाने लगें ,तो वीडियो में दिख रहे ये भाईसाब आ गये ,भाईसाब उस किरायेदार की ही तरह बातें कर रहें हैं जिसका किस्सा आपने ऊपर पढा था ,भाईसाब अतिक्रमण को रुकवाने के लिए वही तर्क दे रहें हैं जो किरायेदार दे रहा था ।

हालांकि नगर निगम इन मिथ्या तर्को के चक्रव्यूह में फंसी नहीं ,निगम इसलिए भी नहीं फंसी क्योकि वह शक्तिशाली हैं ,किंतु जब किसी गाँव मे ऐसे अतिक्रमण होते हैं ,किसी मोहल्ले में ऐसे अतिक्रमण होते हैं तो फिर इतिहास साक्षी हैं आर्यनगर को अलीनगर और मौर्य बाज़ार को मियाँ बाज़ार बनने में देर नहीं लगती ।

यह बात केवल घर ,गली ,गाँव और बाज़ार पर ही लागू नहीं होती यह बात देश पर भी लागू होती हैं
जो प्रक्रिया किरायेदार से गृहस्वामी बनने की हैं वही किसी देश मे शरणार्थी से सम्राट बनने की ।

“हल केवल जागरण हैं”

Aman Vyas ✍️

RELATED ARTICLES

कोई जवाब दें

Please enter your comment!
Please enter your name here

- Advertisment -

Most Popular

Recent Comments