मध्यप्रदेश में 1 जून से अनलॉक की गाइडलाइन: किराना दुकानें खुलेंगी, स्कूल, कॉलेज, सिनेमा और रहेंगे मॉल बंद

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मध्य प्रदेश में 1 जून से अनलॉक की प्रक्रिया शुरू हो रही है। सरकार ने अनलॉक की राज्य स्तरीय गाइडलाइन सभी जिलों की क्राइसिस मैनेजमेंट समूहों को भेज दी है। इसके मुताबिक प्रदेश में किराना दुकानें खुल जाएंगी। स्कूल-कॉलेज, सिनेमा हॉल व शॉपिंग मॉल अभी बंद ही रहेंगे। प्रत्येक शनिवार रात 10 बजे से सोमवार सुबह 6 बजे तक कर्फ्यू रहेगा।

सरकार ने 5% से ज्यादा साप्ताहिक संक्रमण दर वाले और इससे कम संक्रमण दर वाले जिलों के लिए अलग-अलग गाइडलाइन जारी की है। इंदौर, भोपाल, सागर व मुरैना में संक्रमण दर 5% से ज्यादा है। इसलिए यहां अनलॉक के दौरान सख्ती ज्यादा रहेगी।

गृह विभाग की ओर से जारी गाइडलाइन के मुताबिक, 30 मई की शाम तक सभी क्राइसिस मैनेजमेंट समूह चर्चा कर अनलॉक प्रक्रिया के संबंध में निर्णय लेकर 31 मई को हर जिले में आदेश जारी करेंगे। इससे पहले मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा, यदि कहीं भी संक्रमण बढ़ता है, तो प्रतिबंध फिर से लागू किए जाएंगे।

थोक सब्जी-फल बाजार के लिए जिला प्रशासन स्थान तय करेगा

गृह विभाग के आदेश में कहा गया है कि हर जिले में थोक सब्जी व फल बाजार जिला प्रशासन द्वारा तय खुले स्थान पर चल सकेंगे। लेकिन जिला स्तर पर परंपरागत रूप से मार्केट में कोविड प्रोटोकॉल पालन करने की शर्त लागू होगी।

घूमने न दें एक भी संक्रमित व्यक्ति को
मुख्यमंत्री ने कहा कि ध्यान रखा जाए कि एक भी संक्रमित मरीज बाहर न घूमे। अधिक से अधिक टेस्टिंग कर हर मरीज की पहचान करनी है। हर कोविड मरीज को होम आइसोलेशन, कोविड केयर सेंटर में रखना है। जरूरत होने पर अस्पताल में इलाज करना है। जहां भी संक्रमण हो, माइक्रो कंटेनमेंट क्षेत्र बनाएं। हर पॉजिटिव मरीज की कॉन्टैक्ट ट्रेसिंग की जाए।

कंटेनमेंट जोन बनाएं
मुख्यमंत्री ने कहा कि ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्रों में संक्रमण के अनुसार रेड, ग्रीन व यलो जोन बनाए जाएं और उसके अनुसार प्रतिबंध लागू रहें। दो या चार घरों पर भी माइक्रो कंटेनमेंट जोन बनाए जा सकते हैं। संक्रमण को किसी भी हालत में फैलने ना दें।

गांवों को 3 जोन में बांटा
जिन गांवों में एक भी संक्रमित नहीं है, उसे ग्रीन जोन में रखा गया है। जहां 4 से कम केस हैं, उन गांवों को यलो जोन में रखा गया है। इसके लिए अनलॉक के अलग नियम बनाए गए हैं। इसी तरह 5 या इससे अधिक केस वाले गांव को रेड जोन में रखा गया है। रेड जोन और शहरों के माइक्रो कंटेनमेंट जोन में अलग नियम के अनुसार गतिविधियां हो सकेंगी।

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