गुरूवार, सितम्बर 23, 2021
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प्रदेश के शहरो के 20 हज़ार उपभोक्ताओं को बिजली कंपनी ने थमाए गड़बड़ बिल, 10 हज़ार का किया निराकरण

भोपाल शहर में 20 हजार उपभोक्ताओं को बिजली कंपनी ने गड़बड़ बिल दिए है। मतलब बिलों में गड़बड़ी करके उपभोक्ताओं से खपत से अधिक राशि की वसूल की जा रही है। उपभोक्ता बिजली बिल में गड़बड़ियों से परेशान है। उपभोक्ताओं को यह बिल 1 अप्रैल 2020 से 30 मई 2021 के बीच यानी 14 महीने के भीतर दिए गए हैं। इनमें से 10 हजार शिकायतों को बिजली कंपनी ने सही मानकर उनका निराकरण भी किया है। सूत्रों की मानें तो जिन उपभोक्ताओं को गड़बड़ बिजली बिल दिए गए हैं, उनकी संख्या 50 हजार भी हो सकती है, लेकिन अधिकारी सही जानकारी देने से बच रहे हैं।

बिजली बिलों में यह गड़बड़ी इसलिए है कि मीटर रीडरों द्वारा रीडिंग समय पर नहीं ली।

कुछ क्षेत्रों में रीडिंग लेने ही नहीं पहुंचे। ऐसे क्षेत्रों के उपभोक्ताओं को आंकलित खपत के आधार पर बिल दे दिए। जिन क्षेत्रों में रीडिंग ली, उनमें से कई उपभोक्ताओं के घर की रीडिंग में गड़बड़ी कर दी। अधिक खपत का बिल जारी कर दिया। कुछ उपभोक्ताओं को बिल की मूल प्रति नहीं दी। ऑनलाइन बिल भी देरी से दिए। बिजली बिल नहीं मिला तो उपभोक्ता बिल नहीं भर पाए, जिस पर जुर्माना भरना पड़ा।

अधिकारियों का तर्क, पहले से कम आ रही शिकायतें

भोपाल शहर के एक जिम्मेदार विद्युत अधिकारी ने कहा कि बिलों में गड़बड़ी की शिकायतें बीते सालों की तुलना में कम हो गई है। जो शिकायतें मिलती हैं, उनका तत्काल समाधान करते हैं। उपभोक्ताओं को परेशान नहीं होने देते हैं। पूरी सुनवाई का मौका दे रहे हैं। गलत बिलों को सुधारा जा रहा है।

14 जिलों में से भोपाल में सबसे ज्यादा गड़बड़ी

स्थान —–बिल सुधार संख्या

भोपाल शहर —–10000

ग्वालियर शहर —-6020

अशोकनगर—– 1200

बैतूल —–1400

भोपाल ग्रामीण —3000

भिंड —–1600

दतिया ——1200

गुना —–1650

ग्वालियर ग्रामीण ——1100

होशंगाबाद ——2000

रायसेन ——-750

राजगढ़—— 900

सीहोर ——–800

श्योपुर ——-900

शिवपुरी –1650

विदिशा ——1800

नोट-मध्य प्रदेश मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी ने एक अप्रैल 2020 से 30 मई 2021 के बीच इन शिकायतों का निराकरण किया है। यें सभी शिकायतें बिजली बिल से जुड़ी हैं.

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