बुधवार, अक्टूबर 20, 2021
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लचर क़ानून व्यवस्था और बढ़ता ‘लव जिहाद’

इन दिनों धर्मान्तरण व लव जिहाद के मामलों ने देश में बवाल मचाया हुआ है। हाल ही में उत्तर प्रदेश से मौलाना उमर को बहला-फुसलाकर धर्मान्तरण करने के मामले में पकड़ा गया और अब कश्मीर से दो सिख लड़कियों को प्रेम जाल में फंसाकर उनके धर्म परिवर्तन का मामला सामने आया है। इनमें से बड़गाम की एक लड़की की शादी जबरन एक मुस्लिम से करा दी गई है और उस लड़की का अब तक पता नहीं चल सका है। वहीं दूसरी घटना राजधानी श्रीनगर के महजूर नगर की है जहाँ एक लड़की अपनी एक मुस्लिम दोस्त की शादी अटेंड करने गई थी। ये लड़की नाबालिग नहीं थी। इस लड़की की शादी समारोह में आए एक अन्य मुस्लिम लड़के से वहीं जबरन शादी करा दी गई। इस मामले में दिल्ली सिख गुरुद्वारा प्रबंधन कमेटी के अध्यक्ष और अकाली दल के राष्ट्रीय प्रवक्ता मनजिंदर सिंह सिरसा सक्रिय अपना विरोध दर्ज करा रहे हैं और जम्मू और कश्मीर में इस प्रकार के धर्मान्तरण और निकाह को रोकने के लिए सख्त कानून बनाये जाने की वकालत कर रहे हैं। हालांकि सिरसा का विरोध विवादों में घिर गया है क्योंकि लव जिहाद पर उत्तर प्रदेश की योगी सरकार द्वारा बनाए गए कानून पर सिरसा ने हिन्दू धर्म को एक ‘कमजोर धर्म’ कहते हुए तंज कसा था कि यदि किसी धर्म को अपनी रक्षा करने के लिए कानून की जरूरत पड़े तो वह धर्म पाप है। सिरसा ने यह बयान निश्चित रूप से अपनी राजनीति को चमकाने के लिए दिया था किन्तु मेरा ऐसा मानना है कि उनके हिन्दू धर्म को लेकर दिए गए बयान से सिख लड़कियों के प्रति हुआ यह अन्याय कमतर नहीं आंकना चाहिए। सिरसा राजनीति कर रहे हैं और समाज को अपनी बेटियाँ बचाना है तो सिरसा की लानत-मलानत के साथ ही लव जिहाद के मामले पर उनका साथ देना चाहिए। ऐसा करने से हिन्दू-सिख एकता मजबूत होगी। चूँकि कथित किसान आन्दोलन में देश के समक्ष सिख-मुस्लिम गठजोड़ की गलत व भ्रामक तस्वीर प्रस्तुत की गई लिहाजा सिख समुदाय का साथ देना भविष्य की एकता के दृष्टिकोण से भी उचित है। फिर सिरसा के मुद्दे को यदि छोड़ भी दें तो अंतरधार्मिक विवाह के लिए अभिभावक की मंजूरी आवश्यक होना ही चाहिए और यह कानून पूरे देश में लागू होना चाहिए।

ऐसा पहली बार नहीं है कि कश्मीर से लव जिहाद की खबर आई हो। पूर्व में लद्दाख में बौद्धों का प्रतिनिधित्व करने वाले लद्दाख बुद्धिस्ट एसोसिएशन (एलबीए) ने एक बौद्ध युवती स्टैनज़िन सेल्डोन और मुस्लिम युवक मुर्तज़ा आघा की शादी का विरोध करते हुए यह दावा किया था कि लद्दाख में बौद्ध लड़कियों को जबरन मुस्लिम बनाया जा रहा है और इसके लिए लव जिहाद को बढ़ावा दिया जा रहा है। दरअसल लद्दाख का बौद्ध बहुल इलाका लेह में पड़ता है जबकि करगिल शिया मुसलमानों की आबादी वाला इलाका है। चूँकि आर्थिक दृष्टि से दोनों क्षेत्र जुड़े हैं तो यहाँ लव जिहाद के मामले पिछले दस वर्षों में बढ़े हैं। ऐसा भी नहीं है कि लव जिहाद घाटी में भी फल-फूल रहा हो। घाटी के मुस्लिम युवा देश के अन्य प्रदेशों में जाकर हिन्दू युवतियों से प्रेम विवाह कर उनका धर्म परिवर्तन कर रहे हैं। कुछ वर्ष पूर्व ग्वालियर की एक युवती का विडियो वायरल हुआ था जिसमें उसने कश्मीर के शौकत अली खान पर आरोप लगाते हुए कहा था कि जयपुर में काम करने के दौरान शौकत ने खुद को हिन्दू बताकर युवती को प्रेम जाल में फंसाया और बाद में दबाव डालकर धर्म परिवर्तन के बाद निकाह कर लिया। युवती ने आरोप लगाते हुए कहा था कि शौकत ने छह महीने के अन्दर ही उसे मारपीट कर अपनी ज़िन्दगी से अलग कर दिया था। यह मात्र एक युवती की कहानी नहीं है। वर्षों पहले उज्जैन स्थित विक्रम विश्वविद्यालय में पढ़ने वाले कश्मीरी छात्रों को लेकर इसी प्रकार के आरोप लगे थे जो बाद में बड़े विवाद का कारण बने। इसके अलावा हाल ही में उत्तर प्रदेश की फिरोजाबाद पुलिस ने 15 वर्षीय एक लड़की से रेप और धर्मांतरण के आरोप में तीन लोगों को गिरफ्तार किया। ऐसे मामले जिनमें डरा-धमकाकर अथवा बहला-फुसलाकर युवतियों का धर्म परिवर्तन करवाया जाता है अब बड़ी संख्या में सामने आने लगे हैं। कभी इमरान खान संजय चौहान बनकर हिन्दू लड़कियों को प्रेमजाल में फंसाता है तो कभी रेहान अंसारी दर्श सक्सेना बन पाकिस्तान से लेकर आईएसआई और टेरर फंडिंग तक में देश को धोखा दे देता है।

दरअसल लव जिहाद कोई नई बला नहीं है। मुस्लिम युवक; हिन्दू युवतियों के धर्मान्तरण हेतु इस रास्ते को अपनाते रहे हैं जिसके कारण कई बार साम्प्रदायिक संघर्ष की स्थिति भी निर्मित हुई है। लव जिहाद मुस्लिम समुदाय की संख्या बढ़ाने व काफिर को मुस्लिम बनाने का जरिया है और यह कड़े कानूनों के बाद भी नहीं रुक पा रहा। इसमें थोड़ी गलती हिन्दू युवतियों की भी है कि वे प्रेम चुनने में भविष्य नहीं देख पातीं किन्तु जब कोई रफीक हाथों में कलावा बांधकर और माथे पर टीका-त्रिपुंड लगाकर हिन्दू युवती के प्रति अपने प्रेम को प्रकट करता है तो इसमें भला हिन्दू लड़की का भी क्या दोष? यह तो उस नकली हिन्दू बने मुस्लिम युवक के मन का मैल है जो उससे यह जघन्य अपराध करवाता है। उत्तर प्रदेश व मध्य प्रदेश जैसे राज्य लव जिहाद पर कड़े कानून बना चुके हैं किन्तु ऐसे मामले यदि अभी भी सामने आ रहे हैं तो हिन्दू समाज को यह तय करना होगा कि इस समस्या का हल कैसे हो? इसके इतर अंतरधार्मिक विवाह के लिए अभिभावक की अनुमति के साथ ही न्यायालय की अनुमति को भी आवश्यक किया जाए ताकि हिन्दू युवतियों का भविष्य तो सुरक्षित हो सके। सरकारें भी लव जिहाद को लेकर कड़ाई से पेश आयें। अभी होता यह है कि जहाँ भाजपा की सरकार होती है वहां तो विपक्ष लव जिहाद को चुनावी मुद्दा बना देता है किन्तु जहाँ भाजपा विपक्ष में होती है वहां सरकारें लव जिहाद जैसे मामलों को अपना संरक्षण देकर अलग ही राजनीति खेलती हैं। चूँकि लव जिहाद के मामले साम्प्रदायिक सौहार्द को बिगाड़ते हैं अतः केंद्रीय गृह मंत्रालय को इसमें सीधे दखल देकर राष्ट्रीय स्तर पर अंतरधार्मिक विवाह पर कड़ा कानून बनाना चाहिए जिसकी मांग अब सिख समुदाय भी कर रहा है।

  • सिद्धार्थ शंकर गौतम
    मीडिया सेल समन्वयक, ‘एकल’ वनबन्धु परिषद्
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