मप्र उपचुनाव : भाजपा 19 और कॉंग्रेस 9, भाजपा के 3 मंत्री हारे

मध्य प्रदेश में वर्ष 2018 के विधानसभा चुनाव में जनता ने भाजपा के खिलाफ जनादेश दिया था, लेकिन करीब दो साल बाद 2020 में हुए 28 विधानसभा सीटों के उपचुनाव में मतदाताओं ने एक बार फिर भाजपा सरकार के सात महीने के कामकाज पर भरोसा जताया है। अब मध्य प्रदेश में भाजपा की सरकार स्पष्ट बहुमत वाली हो गई है। मतदाताओं ने मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान की सरकार पर मुहर लगाते हुए मंगलवार को 28 में से 19 सीटें भाजपा की झोली में डाल दीं। कांग्रेस को नौ सीटों पर जीत मिली है। सभी सीटें जीतने का दावा करने वाली कांग्रेस ग्वालियर-चंबल की कुछ सीटों पर ही बेहतर प्रदर्शन कर पाई। दीपावली के चार दिन पहले आए इन परिणामों के बाद जहां भाजपा कार्यकर्ताओं ने जश्न मनाया, वहीं कांग्रेस में मायूसी छाई रही। उपचुनाव में सिंधिया समर्थक तीन मंत्री हार गए। कमल नाथ-दिग्विजय सिंह की जोड़ी को दीपावली से पहले मतदाताओं ने राजनीतिक वनवास पर भेज दिया है।

अंबाह-कमलेश जाटव भाजपा

ग्वालियर-प्रद्युम्न सिंह तोमर भाजपा

भांडेर- रक्षा संतराम सनौरिया भाजपा

पोहरी-सुरेश धाकड़ भाजपा

बमोरी-महेंद्र सिंह सिसौदिया भाजपा

अशोकनगर-जजपाल सिंह जज्जी भाजपा

मुंगावली-बृजेंद्र सिंह यादव भाजपा

सुरखी- गोविंद सिंह राजपूत भाजपा

मलहरा-प्रद्युम्न सिंह लोधी भाजपा

अनूपपुर-बिसाहूलाल सिंह भाजपा

सांची-डॉ. प्रभुराम सिंह भाजपा

हाटपीपल्या-मनोज चौधरी भाजपा

मांधाता-नारायण सिंह पटेल भाजपा

नेपानगर-सुमित्रादेवी कास्डेकर- भाजपा

बदनावर- राजवर्धन सिंह दत्तीगांव भाजपा

सुवासरा-हरदीप सिंह डंग भाजपा

सांवेर-तुलसीराम सिलावट भाजपा

मेहगांव-ओपीएस भदौरिया भाजपा

जौरा-सूबेदार सिंह रजौधा भाजपा

ग्वालियर पूर्व-डॉ.सतीश सिकरवार कांग्रेस

सुमावली-अजब सिंह कुशवाह कांग्रेस

मुरैना-राकेश मावई कांग्रेस

डबरा- सुरेश राजे कांग्रेस

दिमनी-रविंद्र सिंह तोमर कांग्रेस

करैरा-प्रागीलाल जाटव कांग्रेस

ब्यावरा-रामचंद्र दांगी कांग्रेस

आगर- विपिन वानखेड़े कांग्रेस

गोहद-मेवाराम जाटव कांग्रेस

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