मध्यप्रदेश विधानसभा सत्र: कई विधायक निकले कोरोना संक्रमित, राजनीतिक दलों में मचा हड़कंप

मध्यप्रदेश विधानसभा सत्र पर कोरोना संकट के बादल मंडरा रहे हैं. सत्र से पहले 7 विधायकों के साथ-साथ कई अधिकारियों और कर्मचारियों की कोरोना रिपोर्ट पॉजिटिव आई है. इतनी बड़ी संख्या में कोरोना संक्रमित मिलने पर विधानसभा से लेकर राजनीतिक पार्टियों में हड़कंप मच गया है. वहीं विधानसभा में सदन की कार्यवाही को लेकर नए नियम तय कर दिए हैं. विधायकों की सेहत को लेकर उठ रहे सवालों के बीच रविवार शाम 6:00 बजे सर्वदलीय बैठक बुलाई गई है. बैठक में विधानसभा सत्र की कार्रवाई पर चर्चा की जाएगी.

प्रोटेम स्पीकर रामेश्वर शर्मा ने कहा है कि सभी विधायकों को कोरोना टेस्ट कराए जाने को लेकर पत्र लिखा गया था. सत्र के 1 दिन पहले तक 20 विधायकों ने अपनी रिपोर्ट विधानसभा सचिवालय को भेजी है. प्रोटेम स्पीकर के मुताबिक, 7 विधायकों समेत 61 अधिकारी कर्मचारी कोरोना पॉजिटिव निकले हैं. विधानसभा में यह तय किया गया है कि जो विधायक अपनी कोरोना की नेगेटिव रिपोर्ट दिखाएंगे, उन्हें ही सदन की कार्रवाई में शामिल किया जाएगा.

कैसे होगा विधानसभा में कोविड-19 की गाइडलाइन का पालन
28 दिसंबर से शुरू होने वाले विधानसभा सत्र में कोविड-19 की गाइडलाइन का पालन कैसे होगा, यह एक बड़ा सवाल उठ खड़ा हुआ है. विधान सभा सचिवालय में जो व्यवस्था की है उसके तहत सदन में पत्रकार और दर्शक दीर्घा मिलाकर 2 गज दूरी के तहत कुल 94 से 95 विधायक ही शामिल हो सकते हैं. जबकि, विधानसभा में विधायकों की संख्या 229 है. हालांकि विधानसभा ने सचिवालय ने विधायकों को वर्चुअल कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए जोड़ने की सलाह दी है. लेकिन, सवाल इस बात को लेकर भी है कि विधानसभा में विधायकों के सदन तक जाने का एक ही द्वारा है, जहां से होकर सभी विधायक सदन के अंदर दाखिल होंगे. ऐसे में कोरोना विधानसभा सत्र में अपना असर दिखा सकता है.

भाजपा ने कसा तंज
कांग्रेस के इस आरोप पर कि सरकार  किसी न किसी बहाने विधानसभा का सत्र टालना चाहती है, भाजपा ने तंज कसा है. गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा ने कहा कि जिनके घर खुद शीशे के हों उन्हें दूसरों के घर पत्थर नहीं फेकने चाहिए. कांग्रेस के कार्यकाल में तो सत्र के लिए सुप्रीम कोर्ट को दखल देना पड़ा था.

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