चुनाव हारने के बाद भी मंत्री पद नहीं छोड़ रही इमरती देवी, ये है वजह

0
5

मध्य प्रदेश की 28 सीटों पर हुए उपचुनाव में शिवराज सरकार के तीन मंत्री चुनाव हार गए। चुनाव हारने वाले मंत्रियों में इमरती देवी, ऐंदल सिंह कंसाना और गिर्राज डंण्डौतिया शामिल थे। चुनाव हारने के बाद कंसाना और डंण्डौतिया ने इस्तीफा दे दिया। लेकिन इमरती देवी ने अब तक मंत्री पद से इस्तीफा नहीं दिया है। ऐसे में बड़ा सवाल यह है कि आखिर चुनाव हारने के बाद भी इमरती देवी मंत्री पद से इस्तीफा क्यों नहीं दे रही हैं।

संविधान के नियमों के अनुसार कोई भी व्यक्ति बिना विधायक बने 6 महीने तक ही मंत्री रह सकता है। इस बीच अगर वह विधायक बन जाता है तो उसे पद नहीं छोड़ना पड़ता। लेकिन अगर वह विधायक नहीं बन पाता तो 6 महीने बाद वह मंत्री पद से अपने आप ही हट जाता है। नेतिकता के आधार पर चुनाव हारने के बाद इमरती देवी को इस्तीफा देना चाहिए था। लेकिन फिलहाल वह 2 जनवरी तक मंत्री पद पर रह सकती हैं। ऐसे में माना जा रहा है कि 6 महीने पूरे होने के बाद ही वे शायद मंत्री पद से इस्तीफा देगी।

बताया जा रहा है कि चुनाव हारने के बाद से अब तक इमरती देवी की मुलाकात अब तक ज्योतिरादित्य सिंधिया से नहीं हुई है। ऐसे में सूत्रों का कहना है कि इमरती देवी सिंधिया से मुलाकात के बाद ही मंत्रीपद छोड़ सकती है। माना जा रहा है कि चुनाव हारने के बाद सिंधिया इमरती देवी को निगम मंडल जगह दिए जाने की मांग कर सकते हैं। हालांकि अब तक सिंधिया ने इस मामले में किसी तरह की कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है। लेकिन इमरती देवी की गिनती उनके सबसे खास समर्थकों में होती है। ऐसे में वे किसी न किसी स्थिति में इमरती देवी का पुर्नवास चाहते हैं। हालांकि माना जा रहा है कि उन्हें भाजपा को बड़ी जिम्मेदारी सौंप सकती है।

ads

कोई जवाब दें

Please enter your comment!
Please enter your name here